Elon Musk- Biography in Hindi।
दुनिया के सबसे अमीर इंसान की कहानी
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1. इस बुक से हम क्या सीखेंगे?
एक जीनियस बच्चा जिसका बचपन बड़े स्ट्रगल में गुज़रा, जो बचपन से ही राकेट बनाने का सपना देखता था और इसी सपने को पूरा करने के वो साऊथ अफ्रीका से यूनाइटेड स्टेट्स आया. एलन मस्क वो जीनियस था जो ना सिर्फ टेक्नोलोजिकल इनोवेशसं का एक्सपर्ट था बल्कि उसे इस दुनिया को बचाने की भी उतनी ही परवाह थी इसीलिए तो उसके माइंड में इलेक्टिकल कार और स्पेसशिप बनाने का आईडिया आया. एलन मस्क की ये बुक उनके चाहने वालो के लिए एक गिफ्ट की तरह है जिसके थ्रू उन्हें इस महान इनोवेटर की लाइफ के कई अनजाने पहलुओ को जानने का मौका मिलेगा.
2. ये बुक किस किसको पढनी चाहिए?
हर वो इंसान जो एलन मस्क की मैजिकल और इंस्पायरिंग स्टोरी जानने में इंट्रेस्टेड है, स्पेशली एंटरप्रेन्योर्स इस बुक से काफी कुछ लर्न कर सकते हैं, एलन मस्क ने कभी गिव अप नहीं किया और हर ग्रेट एंटरप्रेन्योर में यही क्वालिटी होती है.
3. इस बुक के ऑथर कौन है
राइटर एश्ली वांस ने एलन मस्क की बायोग्राफी' एलन मस्क, टेस्ला, स्पेस एक्स एंड क्वेस्ट फॉर अ फेंटास्टिक फ्यूचर " लिखी है. एश्ली वांस एक अमेरिकन बिजनेस कोलमनिस्ट और ऑथर है जिन्होंने कई सारी बुक्स लिखी है लेकिन एलन मस्क पर लिखी उनकी बायोग्राफी सबसे ज्यादा पोपुलर बुक्स में से एक है. 2015 में उन्होंने ब्लूम बर्ग के लिए एक वीडियो सीरीज हेल्लो वर्ल्ड राईट और होस्ट करनी शुरू की थी.
आध्याय 1-एलन की दुनिया
साल 2000 में सिलिकोन वैली और सेन फ्रेंसिस्को डिप्रेशन में डूबे हुए थे क्योंकि इन्टरनेट का नशा उतरने लगा था। अब जमाना डॉट कॉम का था जिसके चलते वेंचर कैपिटलिस्ट किसी भी इन्वेस्ट में पैसा लगाने से कतरा रहे थे। इस दौर में सिलिकोन वैली के पास सिर्फ एक क्लीक एड्स का काम ही बचा था। ट्विटर और फेसबुक ने अभी-अभी पैर पसारने शुरू किये थे। कुछ लोगो का मानना था कि टेक्नोलोजी इंडस्ट्री अब ठंडी पड़ चुकी है।
एलन मस्क भी इसी डॉट कॉम मेनिया का एक हिस्सा थे। अपनी कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने ज़िप 2 बनाया और $22 मिलियन कमाए । ज़िप 2 गूगल मैप्स की ही तरह का एक सॉफ्टवेयर था। कॉमपेक ने ज़िप 2 को 1999 में खरीदा था। मस्क ने इस कमाई को एक और स्टार्ट-अप X.com खोलने के लिए इन्वेस्ट किया जो बाद में पे-पाल बना। और फिर जब 2002 में ई-बे ने पे-पाल (Pay Pal) खरीदा तो मस्क पहले से ज्यादा अमीर हो गए।
मस्क सिलिकोन वैली के बजाए लॉस एंजेल्स में रहने चले गए थे, जहाँ पर उन्होंने टेस्ला, स्पेस एक्स और सोलर सिटी बनाई। उनकी कंपनीज़ ELECTRIC CARS, एरोस्पेस और सोलर इंडस्ट्रीज में लीड करती है। राकेट, इलेक्ट्रिक कार और सोलर पैनल बनाकर मस्क ने फ्यूचर को बदल कर रख दिया। एलन की दुनिया में रियलिटी और साइंस फिक्शन मिलकर एक हो गए है।
एलन मस्क बाकी टेक्नोलोजी मिलेनियर से हटकर है। उनका सोच विश्वव्यापी है। मस्क कहते है" अगर हम कभी ना खत्म होने वाली वाली एनर्जी का हल ढूंढ ले और मल्टी प्लानेटेरी स्पीसीज़ बनने की राह में तरक्की कर ले । तो ये वाकई में बहुत बढ़िया बात होगी" । आज मस्क कंपनी मे हज़ारो लोग काम करते है जिसका नेट वर्थ $10 बिलियन है।
अध्याय 2 अफ्रीका
मस्क के नाना जोशुआ हेल्डीमेन केनेडा से साउथ अफ्रीका तक खुद का जहाज उड़ाया करते थे। वे माइग्रेट होने के बाद अपने पूरे परिवार सहित हमेशा के लिए प्रेटोरिया में सेटल हो गए थे मगर कभी-कभी वे लोग नोर्वे, स्कॉट और आस्ट्रेलिया जाया करते थे।
मेये हेल्डीमेन (Maye Haldeman) और एरोल मस्क बचपन से ही एक दुसरे को चाहते थे। जब वे बड़े हुए तो दोनों ने शादी कर ली और उसके बाद जल्द ही एलन का जन्म हुआ। मस्क 28 जून, 1971 को पैदा हुए थे। उनके पिता एरोल मस्क एक सक्सेसफुल इंजीनियर थे वहीं माँ मेये (Maye) एक डाइटीशिएन थी। एलन के अलावा उनके दो बच्चे और थे, किम्बल और टोस्का।
एलन अभी सिर्फ 5 साल के ही थे जब उनकी काबिलियत दिखने लगी थी वे घंटो किताबो में डूबे रहते। “द लार्ड ऑफ़ द रिंग्स" और "द हिचहाइकर "स गाइड to गेलेक्सी' उनकी पसंदीदा किताबे थी। उनके पास एनसाइक्लोपीडीयया के दो बड़े सेट रखे थे जिन्हें वो तब पढ़ते जब पढने के लिए किताबे ख़त्म हो जाती थी मस्क परिवार एक खुशहाल परिवार था। प्रेटोरिया में उनके पास बहुत बड़ा घर था। मगर एलन जब आठ साल के हुए तो उनके माँ-बाप का तलाक हो गया था। वे और उनके भाई किम्बल अपने पिता के साथ रहने लगे। उनके पिता खुशमिजाज़ नहीं थे इसलिए एलन को कभी भी अपना बचपन खुशहाल नहीं लगा।
एलन जब 10 साल के थे जब उन्होंने पहली बार कंप्यूटर देखा। वे इसे देखकर इतने हैरान हुए कि उन्होंने अपने पिता से अपने लिए एक कंप्यूटर खरीदने की जिद की। और जब उनके पिता उनके लिए कंप्यूटर लेकर आये तो पूरे तीन दिनों में ELON ने बेसिक प्रोग्रमिंग सीख ली एलन अपने भाई किम्बल और कज़न पीटर, लेंडन और रस रिवे के बेहद करीब थे वे उनके साथ मिलकर होम मेड राकेट और एक्सप्लोसिव बनाया करते थे। उन सबको एक साथ लंबी ट्रेन ट्रिप्स पे जाना और डनजियंस और ड्रेगन्स खेलना भी बहुत पसंद था पर जब एलन स्कूल जाने लगे तो वहां उन्हें कुछ अलग ही अनुभव हुए। स्कूल में उन्हें अक्सर बुल्ली किया जाता था। एक बार उनके साथ ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिससे उन्हें गहरा सदमा लगा एलन सीडीयों पर बैठे कुछ खा रहे थे जब एक लडके ने उन्हें पीछे से सर पर लात मारी और एक जोर का धक्का दिया। इस धक्के से एलन सीडीयों से गिर पड़े। उसके बाद उस लड़के ने उन पर मुक्को की बरसात शुरू कर दी। उन्हें इतनी चोट आई कि तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। खून से उनका बदन सन गया था। उन्हें पूरी तरह ठीक होने में पूरा एक हफ्ता लगा और उसके बाद ही वे स्कूल जाने लायक हुए। पूरे चार सालो तक एलन उसी खौफ के साए में जीते रहे। स्कूल का वो बदमाश गेंग बेवजह ही एलन को हर वक्त परेशान किया करता था। आखिरकार उन्होंने उन्हें अपना स्कूल बदलना पड़ा।
जब एलन 17 साल के हुए तो उन्होने साउथ अफ्रीका छोड़ कर जाने का मन बनाया। उन्हें लगता था कि अमेरिका में उन्हें अपने लिए बेहतर मौके मिल सकते है। साथ ही उन्हें सिलिकोन वैली भी पसंद थी जब उनके परिवार को केनेडा की सिटीजनशिप मिली तो एलन को निकल भागने का एक मौका मिल गया था।
अध्याय 3 केनेडा
केनेडा में अपने शुरुवाती दिनों में मस्क को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा जब वे घर से केनेडा जाने के लिए निकले तो उनके पास वहां रहने का कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने वहां अपने कुछ रिश्तेदारों को खोजा और किसी तरह रहने का बंदोबस्त किया। अपना 18वा जन्मदिन उन्होंने कुछ पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ मनाया जिन्हें वे ठीक से जानते तक नहीं थे। इस दौरान मस्क ने कुछ ओड जॉब्स भी की जैसे कि सब्जिया वगैरह ले आना और लकडियाँ काटना। उनके भाई किम्बल भी बाद में उनके पास केनेडा आ गए।
साल 1989 में मस्क ने क्वीन्स युनिवेर्सिटी ओंटारियो (Queen's University Ontario) में दाखिला लिया जहाँ पर उनकी मुलाकात अपनी पहली पत्नी जस्टिन विल्सन से हुई पहली डेट के लिए जस्टिन ने उन्हें बहुत तरसाया था मगर मस्क भी कम जिद्दी नहीं थे। जस्टिन ने बाद में कहा कि " वो किसी को भी अपना दीवाना बना सकते है" ।
कॉलेज की पढ़ाई ने मस्क की जिंदगी में बहुत से बदलाव लाए। वे अभी भी स्पेस और एनर्जी की बाते किया करते थे जिसका उनके क्लासमेट मज़ाक उड़ाया करते। मस्क उन लोगो से मिले जिनसे उनके विचार मिलते थे। अपने खाली वक्त में वे कंप्यूटर ठीक किया करते जिससे उनकी कुछ एक्स्ट्रा कमाई हो जाती। वे अपने क्लास मेट्स को स्पेयर पार्ट भी बेचा करते थे।
दो साल बाद मस्क को स्कोलरशिप मिली। उन्होंने युनिवेर्सिटी ऑफ़ पेनेसिलेवेनिया से अपनी पढ़ाई जारी रखी वहां उन्होंने इकोनोमिक्स और फिजिक्स दोनों की पढाई की। पेनसिल्वेनिया युनिवेर्सिटी में मस्क लंच के दौरान अपने दोस्तों से फिजिक्स पर डिसकसन किया करते। उन्होंने और उनके खास दोस्त ने मिलकर एक घर किराए पर लिया। इस घर में वे वाइल्ड पार्टीज़ रखते और जो लोग पार्टी में आते उनसे $5 पर हेड के हिसाब पैसा वसूलते। मस्क अपनी क्लास के लिए कई दिलचस्प बिजनेस आडियाज़ भी सोचा करते उनका ऐसा ही एक आइडिया था" द इम्पोर्टेंस ऑफ़ बीइंग सोलर" यानी सोलर पॉवर का महत्त्व। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में सोलर पॉवर टेक्नोलोजी के फील्ड में तेजी आएगी और बड़े-बड़े सोलर प्लांट सिस्टम लगाए जायेंगे। उन्होंने सोलर सेल्स और ऐसे कम्पाउंड के बारे में बताया जो पॉवर को ज्यादा से ज्यादा बड़ा सकते है। उन्होंने अल्ट्रा- केपेसिटर्स के बारे में भी एक पेपर लिखा था जिसमे बताया गया कि ये एक प्रकार की बेट्री सेल्स है जो बड़ी तादाद में एनेर्जी स्टोर कर सकती है। इन्हें रीचार्ज किया जा सकता है। और बाकी केपेसिटर्स के मुकाबले थे 100 गुना ज्यादा पॉवर दे सकती है। मस्क ने तभी इलेक्ट्रिक कार और रॉकेट्स के बारे में सोच लिया था।
उनके प्रोफेसर्स ने उनके इस लाजवाब एनालिसिस की तारीफ की थी। मस्क हर तरह की मुश्किल से मुश्किल फिजिक्स कॉन्सेप्ट्स का हल ढूंढ लेते थे। उन्हें ये भी मालूम होता था कि इससे अच्छा प्रॉफिट कैसे कमाया जाता है। कॉलेज खत्म होने के बाद उनके दिमाग में पहले वीडियोगेम्स बनाने का ख्याल आया। मगर मस्क अपने लिए एक ऐसा करियर चाहते थे जिससे वे पूरी दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सके।
वे अक्सर स्पेस, रीन्युयेब्ल एनर्जी और इन्टरनेट के सपने देखा करते थे। उन्हें यकीन था कि आने वाला कल इन्ही का होगा। भविष्य में एक बड़ा बदलाव आने वाला था और इसी में उनको प्रॉफिट दिख रहा था। सिलिकोन वैली फ़ोटोज़ शेयर करने में बीजी था और मस्क दुनिया को विनाश से बचाने की तैयारी कर रहे थे ।
अध्याय 4 एलन का पहला स्टार्ट-अप
साल 1994 में किम्बल और एलन ने कई रोड ट्रिप्स साथ की। उन दोनों के दिमाग में इन्टरनेट के बिजनेस का आडिया था। फिर आखिरकार मस्क सिलिकोन वैली में बतौर इंटर्न काम करने लगे और जब उन्होंने स्कूल खत्म किया तो किम्बल के साथ मिलकर उन्होंने अपनी कम्पनी स्टार्ट की ज़िप 2 येल्लो पेजेस (yellow pages) का ऑनलाइन वेर्जन है। इसमें सभी बिजनेस एस्टब्लीशमेंट के मेप और उनकी जानकारी दी हुई है। एलन इसके लिए वेबसाइट कोडिंग करते थे और किम्बल उन साइट्स को बेचने का । किम्बल डोर-टू-डोर सेल किया करते थे। मगर ज्यादातर बिजनेसमेन को पता नहीं था कि ज़िप 2 आखिर है क्या? उन्हें कपनी कंपनी के लिए इन्वेस्टर ढूँढने में बहुत मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार एक Investor ने उनके काम में रूचि ली और $3 मिलियन का इन्वेस्ट किया।
ज़िप 2 ने न्यूजपेपर क्लासीफाइड एड देने शुरू किये। हालांकि कंपनी चल पड़ी और तरक्की करने लगी मगर एलन को मेनेजमेंट से निकाल दिया गया। वे अब चीफ टेक्नीकल ऑफिसर थे। ज़िप 2 का अब एक बड़ा सा ऑफिस था और कंपनी ने कोड्स की क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए कई प्रोग्रामर्स भी रख लिए थे। साल 1998 में $300 मिलियन की डील के साथ zip-2 सिटी-सर्च के साथ मर्ज हो गयी जो कि पहले उनकी कम्पटीटर थी।
मस्क बर्दस का डॉट कॉम का आइडिया एक हकीकत में तब बदला जब 1999 में कॉम्पैक ने ज़िप-2 को खरीदा। मगर सब कुछ आसान नहीं था। एलन मस्क सीईओ बनना चाहते थे।
पे-पाल माफिया बॉस
एक दशक बाद मस्क केनेडियन बैकपेकर से एक मल्टी मिलेनियर बन चुके थे वो भी सिर्फ 27 साल में वे कुल मिलाकर $ 22 मिलियन के मालिक थे। उनके पास अब एक बड़ा सा अपार्टमेंट, एक प्लेन और सपोर्ट कार थी। मस्क अपनी McLaren F7 में सिलिकोन वैली के चक्कर काटा करते।
जब वे इंटर्न कर रहे थे उनके दिमाग में इन्टरनेट बैंकिंग का ख्याल आया। उन्होंने इस बारे में अपने सीनियर्स के साथ डिस्कस किया मगर उन्हें ये आइडिया जमा नहीं। ये 1990 का वक्त था, लोग उन दिनों ऑनलाइन किताबे खरीदने से कतराते थे क्योंकि कोई भी अपना क्रेडिट कार्ड नंबर इन्टरनेट पर नहीं देना चाहता था। मस्क फिर भी अपने ऑनलाइन बैंक के आइडिया पर डटे रहे। अपने इस नए प्रोजेक्ट पर उन्होंने $12 मिलियन इन्वेस्ट किये। उन्होंने इस ऑनलाइन बैंकिंग साइट का नाम एक्स।कॉम (X.COM) रखा। उनके एक को-फाउन्डर ने कहा" यही वो खूबी है जो एलन को बाकियों से अलग करती है"। वे रिस्क लेकर अपनी जिम्मेदारी पर इतनी बड़ी रकम लगा रहे है और इस तरह की डील फायदा भी दे सकती है या फिर कंगाल भी कर सकती है। जिप-2 एक साफ-सुथरा सा प्रेक्टिल आइडिया था मगर X कॉम ने तो बैंकिंग इंडस्ट्री को बदल कर रख दिया। मस्क इस बिजनेस में सिर्फ अपने PASSION को लेकर उतरे थे। उन्हें लगता था कि बैंकर्स का तरीका बिलकुल गलत है। और वे उनसे बेहतर कुछ कर सकते है।
मस्क ने ज़िप 2 को एक फायदेमदं इन्वेस्ट के रूप में केपेटीलिस्ट के सामने पेश किया। लोगो को इसके बारे में यकीन दिलाने के लिए उन्होंने पॉवरफुल स्पीच दी और इंजीनियर्स को अपने साथ काम करने के लिए एनकरेज किया। एक्स.कॉम अब जायज रूप से फिनेंस सर्विस कंपनी बन गयी। इसमें बैंकिंग लाइसेस, म्यूचल फंड लाइसेंस और ऍफ़डीआइसी इंश्योरेंस (FDIC insurance) जैसी सुविधाए मौजूद थी। नवम्बर 1999 में साइट इन्टरनेट पर लाइव हुई मस्क उस दिन अपने ऑफिस में पूरे 48 घंटे तक रहे क्योंकि वे चीजों को अपने सामने ही स्मूदली चलते हुए देखना चाहते थे।
एक्स.कॉम ने एक क्रांतिकारी पेमेंट ईजाद किया जिसे पे-पाल नाम दिया गया। इसमें किसी को पैसे भेजने के लिए सिर्फ उसका ई-मेल एड्रेस ही काफी था। कुछ महीनों के अन्दर ही पे पाल को 200,000 क्लाइंट्स मिल गए। पैसे के लेन-देन का ये बड़ा आसान तरीका था जबकि Banks इसी प्रोसेस में कई दिन लगा देते थे। मार्च 2000 में एक्स।कॉम अपने कॉम्पीटीटर कोनफिनिटी के साथ मर्ज हो गयी। मस्क के पास अभी भी कंपनी के ज़्यादातर शेयर थे और कंपनी का नाम भी नहीं बदला गया। मगर फिर एक्स कॉम और कोनफिनिटी की अनबन होने लगी जिसकी वजह थी दोनों का अलग कल्चर और डीसीजन मेकिंग। Employees के एक ग्रुप ने मस्क को कंपनी से बाहर करने की प्लानिंग की। मस्क के बदले वे कोनफ़िनीटी के पीटर थियेल को सीईओ बनाना चाहते थे।
इस दौरान मस्क अपनी पत्नी जस्टिन के साथ हनीमून मना रहे थे। उन्हें जब इस बात का पता लगा तो उन्होंने कम्पनी को अपने फैसले पर दुबारा सोच-विचार करने की गुजारिश की। मगर तब तक बात हाथो से निकल चुकी थी। उन्हें पता चला कि कंपनी ने अपना फैसला ले चुकी थी। मस्क उस कंपनी में अपनी पॉवर खो बैठे थे जिसे उन्होंने ही शुरू किया था।
जून 2001 में एक्स.कॉम पे पाल के नाम से री-ब्रांड की गई। कंपनी एडवाइज़र के तौर पर मस्क की नौकरी सीक्योर थी। उन्होंने और पैसा इन्वेस्ट किया अपना स्टेक बडाकर वे पे-पाल के सबसे बड़े स्टेक होल्डर बन गए। इस वक्त तक उनका डॉट कॉम का बुखार अब उतरने लगा था। बाकी टेक कंपनीज बेचने की जल्दबाजी में लगी थी।
मस्क ने बोर्ड को offers ठुकराने के लिए मना लिया था। पे-पाल का एनुबल रेवेन्यू बड़कर $240 मिलियन हो चूका था। अब ये अपने पैरो पर मजबूती से खड़ी कंपनी बन चुकी थी जो अब पब्लिक हो सकती थी। और तभी 2002 में पे-पाल को ई-बे से $715 बिलियन का ऑफर मिला। ये एक बहुत बड़ा और शानदार ऑफर था। टैक्स काटने के बाद भी मस्क पूरे $180 मिलियन अपने पास रख सकते थे। पे-पाल डॉट कॉम बबल से बच निकला था। ये सब मस्क की बिजनेस इंस्टिंक्ट और टेक्नोलोजी ट्रेंड में उनकी कुशलता का नतीजा था। 19/11 के हमले के बावजूद कंपनी ने एक सक्सेसफुल आईपीओ (IPO) बनाया। भले ही टेक्नोलोजी इंडस्ट्री डाउन हो गयी मगर पे-पाल एक विनर बनकर उभरा।
अध्याय 5 स्पेस में चूहा
जून 2001 में एलन मस्क जब अपने तीसवे साल में थे, वे और उनकी पत्नी सिलिकोन वैली छोड़कर लोस एंजेल्स शिफ्ट हो गए। उनका बनाया पे-पाल एक सफल प्रोजेक्ट रहा था। अब वे अपने सपने स्पेस ट्रेवल और राकेट शिप्स पर ध्यान दे सकते थे, और इसके लिए लोस एंजेल्स से बढ़कर कोई और बढ़िया जगह नहीं थी क्योंकि वहां का मौसम एरोनोटिक्स के लिहाज़ से अच्छा था। मस्क ने अपने जैसे ही कुछ लोग ढूंढ लिए। उन्होंने मार्स सोसाइटी नाम का एक ग्रुप भी ज्वाइन कर लिया था जो मार्स पर जीवन की संभावना तलाश रहा था। ट्रांसलाइफ नाम से इस ग्रुप का एक प्रोजेक्ट भी था ये एक कैप्सूल के आकार का बनने वाला था जो अर्थ के चक्कर लागाये। और इसके क्र्यू मेम्बर चूहे बनने वाले थे। मस्क ने $500,000 मार्स सोसाइटी और इसके प्रोजेक्ट के लिए दिए। उन्होंने सुझाव रखा कि ट्रांसलाइफ मिशन को मार्स तक ही एक्सटेंड करना चाहिए। एक दिन मस्क नासा की वेबसाईट ब्राउस कर रहे थे। उन्हें गहरी निराशा हुई क्योंकि मार्स एक्सप्लोरेशन का कहीं पर भी कोई एक्जेट शेड्यूल या पुख्ता प्लान नहीं दिया गया था।
मस्क ने एरोस्पेस पर कई किताबे पढ़ी। उन्होंने राकेटशिप को प्लान करने के लिए टेलेंटेड इंजीनियर्स को अपने साथ काम पर रखा। उन्होंने कम बजट वाले रॉकेट्स का परफोर्मेंस स्टडी किया उस वक्त के रॉकेट्स सिर्फ रसियन बनाते थे। बोईंग और लॉक हील बहुत ज्यादा महंगे थे और बड़े से बड़े सेटेलाइट्स उठा सकते थे। मस्क इनसे कुछ सस्ते रॉकेट्स बनाना चाहते थे जो रिसर्च और कमर्शियल इस्तेमाल के लायक हो । जब ई-बे ने पे-पाल खरीदा था तो मस्क ने इस डील से सौ मिलियन डॉलर की कमाई की थी। उन्होंने ये पैसा मार्स के लिए राकेट शिप बनाने में लगा दिया। जून 2002 में स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलोजी बनाई गई। इसमें मस्क के साथ मार्स सोसाइटी के मेम्बर और लोस एंजेल्स के वे लोग भी जुड़े जो स्पेस एन्थ्युपास्टिक थे।
स्पेस एक्स (Space X) को लेकर मस्क बहुत एक्साइटेड थे। हालांकि इस दौरान उनके परिवार में एक दुखद घटना घट गयी। उनकी पत्नी जस्टिन ने एक बेटे को जन्म दिया था जिसका नाम नेवेडा एलेक्जेंडर मस्क रखा गया था। लेकिन 10 दिन के अंदर ही वो बच्चा चल बसा।
हुआ यूँ कि एक रात एलन और जस्टिन ने बच्चे को बिस्तर पर सुलाया। नेवेडा गहरी नीद में पीठ के बल सो गया था। जब कुछ देर बाद उसके पेरेन्टस उसे देखने गए तो उन्होंने पाया कि उसकी सांसे नहीं चल रही थी। डॉक्टरर्स इसे सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (sudden infant death syndrome) कहते है।
जब तक पेरामेडिक्स बुलाये गए दिमागी रूप से बच्चे की मौत हो चुकी थी उसके दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं पहुँच पाई थी। उसे तीन दिन तक लाइफ सपोर्ट पर रखा गया। बच्चा जब मरा तो जस्टिन ने उसे अपनी बांहों में पकड़ रखा था। वो बुरी तरह रो रही थी। मगर एलन मस्क ने कहा कि वो इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते है।
जस्टिन को लगता था कि ये एलन मस्क का डिफेन्स मेकेनिस्म का तरीका है। जिसे उन्होंने बचपन से ही सीख लिया था। उसने कहा कि एलन सदमे में नहीं रह सकते। उनकी फितरत ही आगे बढ़ने की है। और मुझे लगता है कि ये ही उनके सरवाइव करने का तरीका है"। मस्क ने अपना सारा ध्यान स्पेस एक्स के राकेट लौंच में लगा दिया।
अगले 5 सालो में जस्टिन जुड़वाँ बच्चो को जन्म दिया और उसके बाद ट्रिप्लेट्स को मस्क ने कहा" मै इस बात पर यकीन नहीं रखता कि मुझे बेहद दुखद घटनाओं के बारे में बात करनी चाहिए। क्योंकि ये किसी भी तरह हमारे भविष्य को नहीं सुधारती। अगर आपके और बच्चे और जिम्मेदारियां है तो बीती बातो पर दुखी होने से आपका और आपके अपनों का कोई भला नहीं होने वाला" ।

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