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Rich Dad Poor Dad By Robert kiyshoki रिच डैड पूअर डैड अध्याय दो अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते। |
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"डैडी, क्या आप मुझे बता सकते हैं कि अमीर कैसे बना जाए?"
यह सुनते ही मेरे डैडी ने अपना शाम का अखबार नीचे रख दिया "बेटे, तुम अमीर क्यों बनना चाहते हो?"
"क्योंकि आज जिमी की मम्मी अपनी नई कैंडितक कार में आई और वे लोग पिकनिक पर अपने समुद्र तट वाले घर पर जा रहे थे। जिमी अपने साथ अपने तीन दोस्तों को ले गया, परंतु माइक और मुझे नहीं ले गया। उसने हमसे यह कहा कि वह हमें इसलिए नहीं ले जाएगा क्योंकि हम लोग 'ग़रीब बच्चे थे।"
"उसने ऐसा कहा ? " डॅडी ले अविश्वास से पूछा।
"हाँ, बिलकुल ऐसा " मैंने दर्द भरी आवाज़ में कहा।
डैडी ने अपना सिर हिलाया, नाक तक चश्मे को चढ़ाया और फिर अखबार पढ़ने लगे। मैं उनके जवाब का इंतजार करता रहा।
यह 1956 की बात है। तब में नौ साल का था। किस्मत की बात थी कि में उसी पब्लिक स्कूल में जाता था जिसमें अमीर लोगों के बच्चे पढ़ते थे। हम शुगर प्लांटेशन के कस्बे में रहते थे। प्लांटेशन के मैनेजर और कस्बे के बाकी अमीर लोग जैसे डॉक्टर, बिजनेसमैन और बँकर अपने बच्चों को पहली क्लास से छठी क्लास तक इसी स्कूल में भेजते थे। छठी क्लास के बाद बच्चों को प्रायवेट स्कूलों में भेजा जाता था। अगर मेरा परिवार सड़क के दूसरे छोर पर रह रहा होता तो मुझे अलग तरह के स्कूल में भेजा जाता जहाँ मेरे जैसे परिवारों के बच्चे पढ़ते थे। छठी क्लास के बाद इन बच्चों की तरह मैंने भी पब्लिक इंटरमीडिएट और हाई स्कूल किया होता क्योंकि उनकी ही तरह मेरे लिए भी प्रायवेट स्कूल में जाना संभव नहीं था।
मेरे डैडी ने आखिर अखबार को रख दिया। मुझे पता था कि वे क्या सोच रहे थे।
उन्होंने धीमे से शुरुआत की, "अगर तुम अमीर बनना चाहते हो, तो तुम्हें पैसे बनाना सीखना चाहिए"
मैंने पूछा, "मैं पैसे बनाना किस तरह सीख सकता हूँ?" "अपने दिमाग के इस्तेमाल से," उन्होंने मुस्कराते हुए कहा| जिसका असली मतलब यह था, 'बस, मैं तुम्हें इतना ही बता सकता हूँ' या 'में इसका जवाब नहीं जानता, इसलिए मुझे तंग मत करो।'
एक साझेदारी हुई
अगली सुबह मैंने अपने सबसे अच्छे दोस्त माइक को अपने डैडी की बातें बताई। जहाँ तक मुझे याद है, उस स्कूल में मैं और माइक ही दो गरीब बच्चे थे। माइक भी मेरी ही तरह था क्योंकि वह भी किस्मत की वजह से ही उस स्कूल में था। ऐसा लगता था जैसे किसी ने कस्बे में स्कूलों की सरहदें तय कर दी थीं और इसी कारण हम लोग अमीर बच्चों के स्कूल में पढ़ रहे थे। सच कहा जाए तो हम लोग गरीब नहीं थे, परंतु हमें ऐसा लगता था क्योंकि बाकी सभी बच्चों के पास नए बेसबॉल ग्लव्ज़, नई साइकलें और हर चीज़ नई होती थी।
मम्मी और डैडी ने हमें ज़रूरत की सभी चीजें दी थीं, जैसे खाना, घर, कपड़े। लेकिन इससे ज़्यादा कुछ नहीं। मेरे डंडी कहा करते थे, 'अगर तुम्हे कोई चीज़ चाहिए, तो उसके लिए काम कयो' हमें बहुत सी चीजें चाहिए थीं, लेकिन नौ साल के बच्चों के करने के लिए ज़्यादा काम मौजूद नहीं थे।
माइक ने पूछा, "तो पैसा कमाने के लिए हमें क्या करना चाहिए?"
"मैं नहीं जानता," मैंने कहा "लेकिन क्या तुम इस काम में मेरे पार्टनर बनना चाहते हो?"
वह राज़ी हो गया और उस शनिवार की सुबह माइक मेरा पहला बिज़नेस पार्टनर बन गया। हम दोनों पूरी सुबह यही सोचते रहे कि पैसा किस तरह कमाया जाए। कभी-कभार हम उन "बेफ़िक्र बच्चों" के बारे में बातें करते रहे जो जिमी के समुद्रतट वाले घर पर मज़े कर रहे होंगे। इससे थोड़ी चोट पहुँचती थी, परंतु यह चोट अच्छी थी क्योंकि इसने हमें यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि पैसा कैसे कमाया जाए। आखिरकार उस दोपहर को हमारे दिमाग़ में बिजली काँध गई। यह एक ऐसा विचार था जो माइक ने किसी विज्ञान की किताब में पढ़ा था रोमांचित होकर, हमने अपने हाथ मिलाए और पार्टनरशिप के पास अब एक बिज़नेस था।
अगले कुछ हफ़्तो तक मैं और माइक आस-पास के इलाके में दौड़-भाग करते रहे। हम दरवाजों पर दस्तक देते थे और पड़ोसियों से कहते थे कि वे अपने इस्तेमाल किए हुए टूथपेस्ट ट्यूब हमारे लिए रख तो हैरत से हमें देखते हुए ज़्यादातर लोगों ने मुस्कराकर हमारी बात मान ली। कुछ ने हमसे पूछा कि हमें टूथपेस्ट ट्यूब क्यों चाहिए? इसके जवाब में हमने कहा, "हम आपको यह नहीं बता सकते। यह एक बिज़नेस सीक्रेट हैं।"
• सप्ताह गुजरते गए और मेरी माँ बहुत दुखी हो गई। अपने कच्चे माल को इकट्ठा करने के लिए हमने जो जगह चुनी थी वह उनकी वॉशिंग मशीन के ठीक पास थी। एक भूरे कार्डबोर्ड के डिब्बे में जिसमें कभी केचप की बोतलें रखी रहती थीं, हमारे इस्तेमाल किए हुए टूथपेस्ट के ट्यूब्स की संख्या बढ़ने लगी।
आखिर एक दिन माँ के सब्र का बाँध टूट गया। पड़ोसियों के मुडे-तुड़े और इस्तेमाल किए हुए टूथपेस्ट ट्यून्स को देखते-देखते वे ऊब गई थीं। उन्होंने पूछा " तुम लोग कर क्या रहे हो? और मैं यह नहीं सुनना चाहती कि यह एक बिजनेस सीक्रेट है। इस कचरे को साफ़ कर दो या मैं इसे उठाकर बाहर फेंक देती हूँ।
माइक और मैंने उनके हाथ-पैर जोड़े और उन्हें यह बताया कि जल्दी ही हमारा कच्चा माल पर्याप्त जमा हो जाएगा और फिर हम उत्पादन शुरू कर देंगे। हमने उन्हें बताया कि हम कुछ पड़ोसियों का इंतज़ार कर रहे थे ताकि वे अपने टूथपेस्ट के ट्यूब्श खत्म कर लें। माँ ने हमें एक हफ्ते की मोहलत और दे दी।
उत्पादन शुरू होने की तारीख क़रीब आ गई थी। दबाव बढ़ चुका था। हमारे वेअरहाउस के मालिक यानी मेरी माँ ने हमारी पहली पार्टनरशिप कंपनी को जगह खाली करने का नोटिस थमा दिया था। अब माइक का काम यह था कि वह पड़ोसियों को अपने टूथपेस्ट जल्दी खत्म करने के लिए कहे और साथ में यह भी जोड़ दे, दाँत के डॉक्टरों का कहना है कि दिन में कई बार ब्रश करना चाहिए में उत्पादन की प्रक्रिया को ठीक-ठाक करने में जुट गया।
एक दिन मेरे डैडी अपने एक दोस्त के साथ कार में बैठकर पोर्च में आए और उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब उन्होंने वहाँ नौ साल के दो बच्चों को उत्पादन की प्रक्रिया में पूरी गति से जुटे देखा। हर जगह बारीक सफेद पाउडर बिसारा हुआ था। एक लंबी मेज़ पर स्कूल से लाए गए दूध के छोटे कार्टन थे और हमारे परिवार की हिबाची बिल ताल दहकते कोयलों के साथ अधिकतम गर्मी पर जल रही थी।
डैडी सावधानी से चलकर हमारे करीब आए। चूँकि हमारे उत्पादन की प्रक्रिया ने पोर्ट पर करना कर लिया था इसलिए उन्हें कार बाहर ही खड़ी करनी पड़ी। जब वे और उनके दोस्त पास आए, तो उन्होंने कोयतो के ऊपर रखा एक स्टील का बर्तन देखा जिसमें टूथपेस्ट के ट्यूब पिछल रहे थे। उन दिनों टूथपेस्ट प्लास्टिक के ट्यूब्स में नहीं आते थे। ट्यूब सीसे के बने होते थे। एक •बार पेट जल जाने पर हम ट्यूब्स को स्टील के बर्तन में डाल देते थे ताकि वह पिघलकर द्रव रूप में आ सकें। इस पिघले हुए सीसे को हम छोटे छेद वाले दूध के कार्टनों में डाल रहे थे।
दूध के इन कार्टलों में प्लास्टर ऑफ पेरिस भरा था। हर तरफ फैला सफ़ेद पाउडर प्लास्टर ही था, जिसमें हमने पानी मिलाया था। जल्दबाज़ी में, मैंने उसके बैग को गिरा दिया था और पूरी ज़मीन ऐसी लग रही थी जैसे वहाँ अभी-अभी बर्फ़ का तूफान आया हो। दूध के कार्टन बाहरी बवसे थे जिसके भीतर प्लास्टर ऑफ पेरिस के साँचे थे।
मेरे डैडी और उनके दोस्त हमें देखते रहे और हम पिघले हुए सीरो को प्लास्टर ऑफ पेरिस के क्यूब के ऊपर से छोटे से छेद में डालते रहे।
"सँभलकर," मेरे डैडी ने कहा
मैंने बिना सिर उठाए हामी भर दी।
आखिरकार जब सीसे को डालने का काम खत्म हो गया तो मैंने स्टील के बर्तन को नीचे रख दिया और फिर अपने डैडी की तरफ देखकर मुस्कराया।
उन्होंने हल्की मुस्कान के साथ पूरा, "तुम लोग क्या कर रहे हो?'
"हम वही कर रहे हैं, जो आपने बताया था। हम अमीर बनने जा रहे हैं, "मैंने कहा
"हाँ," माइक ने सिर को हिलाते हुए और मुस्कराते हुए कहा "हम दोनों पार्टनर हैं।"
डैडी ने पूछा, "और इन प्लास्टर के साँचों में क्या है?"
"देखिए, "मैने कहा "इसमें एक बहुत अच्छी वीज़ है।"
छोटे हथौड़े से मैंने सील को ठोका जिससे बाहरी खोल टूट गया। सावधानी से मैंने ऊपर के आये प्लास्टर को हटाया और जस्ने का एक सिक्का बाहर गिर गया।
"है, भगवान !" मेरे डैडी ने कहा "तो तुम लोग जस्ते के सिक्के ढाल रहे थे।"
"बिलकुल सही, "माइक ने कहा "हम वही कर रहे थे जैसा आपने हमसे कहा था। हम पैसा बना रहे थे।
मेरे डैडी के दोस्त जोर से हँसने लगे। मेरे डैडी भी मुस्कराए और उन्होंने अपना सिर बना रहे थे। "दिलाया। उनके सामने आग और टूथपेस्ट की ट्यूब्स के बक्से के साथ सफ़ेद धूल में लिपटे हुए दो बच्चे खड़े थे, जो इस कान से उस कान तक खुलकर मुस्करा रहे थे।
उन्होंने हमसे कहा कि हम सब कुछ छोड़कर उनके साथ चलें और घर के सामने वाली सीढ़ी पर बैठें। मुस्कराते हुए उन्होंने हमें "जालसाजी" शब्द का मतलब समझाया।





