The Psychology Of Money Book Summary In Hindi Introduction

 

The Psychology of Money
By Morgan Housel



विषय - सूची

प्रस्तावना: पृथ्वी पर सबसे बड़ा प्रदर्शन
1. कोई भी मूर्ख नहीं है 
2. भाग्य और जोखिम
3. कभी भी पर्याप्त नहीं 
4. विस्मयकारी कंपाउंडिंग
5. धनवान बनना बनाम धनवान बने रहना
6. पट, आप जीते
7 स्वतंत्रता
8. कार में बैठे आदमी का विरोधाभास
9. संपत्ति वह है जो आपको दिखाई नहीं देती
10 धन-संपत्ति की बचत करें
11. यथोचित तर्कशील 
12. अप्रत्याशित!
13. त्रुटि के लिये जगह
14. आप बदलेंगे
15. कुछ भी मुफ्त नहीं होता
16. आप और मैं
17. निराशावाद का बहकावा 
18. जब आप कुछ भी मान लेंगे
19. अब सब साथ में 
20. स्वीकारोक्तियाँ


                            प्रस्तावना

                     पृथ्वी पर सबसे बड़ा प्रदर्शन


मैंने अपने कॉलेज के वर्ष लॉस एन्जेलस के एक बढ़िया होटल में सेवक के रूप में बिताये। वहाँ एक तकनीकी कार्यकारी अतिथि के रूप में अक्सर आया करता था। वह काफ़ी प्रतिभावान था, उसने लगभग 20 वर्ष से कुछ ही अधिक की आयु में वाई-फ़ाई का एक मुख्य घटक डिज़ाइन कर पेटेंट किया था। वह कई कंपनियां शुरू करके बेच चुका था और बेतहाशा कामयाब था ।


धन संपत्ति के साथ उसका जो संबंध था, उसे मैं असुरक्षा और बचकानी मूर्खता का मेल कहूँगा ।

वह सौ डॉलर के नोटों की कई इंच मोटी गड्डी साथ लेकर घूमता था, जिसे वह हर किसी को दिखाता था, फिर चाहे वे देखना चाहते हों या नहीं। वह बिना किसी संदर्भ के अपनी धन सम्पदा की खुलकर डींग मारता, खासकर जब वह नशे में धुत होता ।


एक दिन उसने मेरे एक सहकर्मी को कई हज़ार डॉलर की रकम दी और कहा, “गली में जो जवाहरात की दुकान है, वहाँ जाओ और $1000 के कुछ सोने के सिक्के लेकर आओ।"


एक घंटे बाद, हाथ में सोने के सिक्के लिये, वह कार्यकारी और उसके दोस्त एक डॉक के चारों तरफ़ इकट्ठा हो गये जो प्रशांत महासागर के सामने था। फिर उन्होंने उन सिक्कों को पानी में फेंकना शुरू कर दिया। वे उन सिक्कों को कंकरों की तरह उछालते, और फिर किसका सिक्का सबसे दूर गया, इस बात पर बहस करते और ठहाके मार कर हँसते। सिर्फ़ मनोरंजन के लिये। कुछ दिनों बाद उसने होटल के रेस्त्रां में एक लैंप तोड़ दिया।


एक मैनेजर ने उससे कहा कि वह $500 का लैंप था और उसे उसकी भरपाई करनी होगी। "तुम्हें $500 चाहिये?” कार्यकारी ने अविश्वासपूर्वक पूछा और जेब से नोटों की एक गड्डी निकाल कर मैनेजर को देते हुए कहा, "ये रहे पाँच हज़ार डॉलर। अब मेरे सामने से दफ़ा हो जाओ। और फिर कभी भी दोबारा इस तरह मेरी बेइज़्ज़ती मत करना। "


आप सोच रहे होंगे कि आख़िर इस तरह का व्यवहार कब तक चल सकता था, और इसका जवाब है "ज़्यादा दिन नहीं। कई वर्षों बाद मुझे पता चला कि वह दिवालिया हो गया।


इस किताब का आधार यह है कि धन-संपत्ति के मामले में आप कितना अच्छा प्रबंधन करते हैं, यह इस पर कम निर्भर करता है कि आप कितने होशियार हैं और इस पर ज़्यादा कि आपका व्यवहार कैसा है और व्यवहार सिखाना कठिन कार्य है, उन्हें भी जो वास्तव में होशियार हैं।


एक प्रतिभाशाली व्यक्ति, जो अपनी भावनाओं का नियंत्रण खो दे, एक वित्तीय आपदा हो सकता है। इसका विपरीत भी उतना ही सत्य है सामन्य व्यक्ति जिन्हें वित्तीय ज्ञान नहीं हैं, धनी हो सकते हैं अगर उनके पास कुछ ऐसे व्यावहारिक कौशल हों जिनके लिये बुद्धिमत्ता की औपचारिक युक्तियों की आवश्यकता नहीं होती।



मेरी पसंदीदा विकिपीडिया प्रविष्टि आरंभ होती है: “रोनाल्ड जेम्स रीड एक अमरीकी जनहितैषी, निवेशक, जैनिटर, और गैस स्टेशन परिचर थे। 


रोनाल्ड रीड का जन्म ग्रामीण वरमोंट में हुआ। वे अपने परिवार से हाई स्कूल पास करने वाले पहले सदस्य थे। यह इसलिये भी और अधिक प्रभावशाली है कि वे प्रतिदिन रास्ते में अन्य लोगों से लिफ्ट लेकर कैंपस जाया करते थे। जो रोनाल्ड रीड को जानते थे, उनके जीवन के बारे में बताने योग्य ज़्यादा कुछ नहीं था।


उनका जीवन इतना सामान्य था जितना किसी का हो सकता है। रीड ने 25 वर्षों तक एक गैस स्टेशन में कारों की मरम्मत की और 17 वर्षों तक जे सी पेने में फ़र्श पर झाडू लगायी। 38 वर्ष की आयु में उन्होंने 12,000 डॉलर में एक दो बेडरूम वाला घर खरीदा और अपना पूरा जीवन वहीं बिताया। 50 वर्ष की आयु में वे विधुर हो गये और उन्होंने फिर दोबारा विवाह नहीं किया। उनके एक मित्र का कहना है कि उनका ख़ास शौक ईंधन की लकड़ी काटना था। वर्ष 2014 में 92 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया और तब जाकर इस विनीत, ग्रामीण जैनिटर ने सुर्ख़ियाँ रचीं। 2014 में 2,813,503 अमरीकी नागरिकों की मृत्यु हुई। इनमें से 4,000 से भी कम लोगों की शुद्ध सम्पति उनकी मृत्यु के समय 8 मिलियन डॉलर थी। रोनाल्ड रीड उनमें से एक थे। अपनी वसीयत में इस पूर्व जैनिटर ने अपने सौतेले बच्चों के लिये 2 मिलियन डॉलर और स्थानीय अस्पताल एवं पुस्तकालय के लिये 6 मिलियन डॉलर छोड़े थे। जो रीड को जानते थे वे चकराये हुए थे। उनके पास इतना सारा पैसा आख़िर कहाँ से आया?


बाद में पता चला कि इसमें कोई भी रहस्य नहीं था। न तो उन्होंने कोई लॉटरी जीती थी और न ही उन्हें यह पैसा विरासत में मिला था। रीड ने जितना संभव था उतनी बचत की और वह पैसा ब्लू चिप स्टॉक्स में लगा दिया। फिर उन्होंने दशकों तक प्रतीक्षा की जब तक वह छोटा सी निवेश राशि बढ़कर 8 मिलियन डॉलर में बदल गयी।


बस इतना ही और एक जैनिटर से जनहितैषी ।                    रोनाल्ड रीड़ की मृत्यु से कुछ माह पहले, रिचार्ड नाम का एक और व्यक्ति ख़बरों में था। रिचार्ड फुसकोन वह सब कुछ था जो रोनाल्ड रीड नहीं था। हार्वर्ड से पढ़े इस मेरिल लिंच कार्यकारी के पास एम बी ए की डिग्री थी, और उसने वित्त व्यवसाय में इतनी सफलता प्राप्त की कि लगभग चालीस की उम्र में ही सेवानिवृत्त होकर एक जनहितैषी बन गया। पूर्व मेरिल सी ई ओ डेविड कोमांस्की ने फुसकोन की “व्यवसाय कुशाग्रता, नेतृत्व क्षमता, उचित मूल्यांकन और व्यक्तिगत अखंड़ता की काफ़ी प्रशंसा की। क्रेन्स बिज़नेस मैगज़ीन ने एक बार उसे सफ़ल कारोबारियों की "फ़ॉर्टी अंडर फ़ॉर्टी" सूचि में शामिल किया।


लेकिन फिर ठीक सोने के सिक्के उछालने वाले तकनीकी कार्यकारी की तरह सब बिखर के रह गया।

2000 के पहले दशक के बीच फुसकोन ने ग्रीनविच कनेक्टिकट में एक 18,000 वर्ग फुट के घर का विस्तार करने के लिये जमकर ऋण लिया। इस घर में 11 गुसलखाने, दो एलिवेटर, दो स्विमिंग पूल और 7 गैराज थे, और इस घर के रखरखाव का मासिक खर्च $90,000 से भी अधिक था ।


फिर वर्ष 2008 का वित्तीय संकट आ पड़ा। 

इस संकट ने वस्तुतः सभी की आर्थिक स्थिति को चोट पहुँचायी। इसने फुसकोन को प्रत्यक्ष रूप से मिट्टी में मिला कर रख दिया। अत्यधिक ऋण और अनकदी परिसंपत्ति ने उसे दिवालिया बना छोड़ा। “फ़िलहाल मेरी कोई आमदनी नहीं है", उसने 2008 में कथित तौर पर एक दिवालियापन न्यायाधीश को बताया।


पहले उसका पाम बीच वाला घर कब्ज़ा लिया गया। 2014 में ग्रीनविच मैंशन की बारी थी।

अपनी सम्पत्ति दान में देने से पाँच महीने पहले, रिचार्ड फुसकोन का घर जहाँ अतिथि "घर के अंदर के स्विमिंग पूल के ऊपर आरपार नज़ारे वाले आवरण पर खाने और नृत्य के रोमांच का स्मरण करते थे उसे इंश्योरेंस कंपनी द्वारा अनुमानित लागत से 75% कम की राशि में नीलाम कर दिया गया।


रोनाल्ड रीड धैर्यवान थे, और रिचार्ड फुसकोन लालची और बस इतना काफ़ी था दोनों के बीच के शिक्षा और अनुभव के विशाल अंतर को ग्रस्त करने के लिये । यहाँ सीख रोनाल्ड की तरह ज़्यादा या रिचार्ड की तरह कम बनने की नहीं है हालांकि यह भी कोई बुरी सलाह नहीं है।


इन कहानियों की दिलचस्प बात यह है कि वित्त के संबंध में ये कितनी अनोखी हैं।    

ऐसा कौन सा दूसरा उद्योग है जिसमें एक ऐसा व्यक्ति जो किसी कॉलेज डिग्री, प्रशिक्षण, पृष्ठभूमि, औपचारिक अनुभव और संपर्कों के बिना किसी ऐसे को पछाड़ दे जिसके पास सर्वश्रेष्ठ शिक्षा, प्रशिक्षण और संपर्क हों? मैं ऐसा कोई और उद्योग नहीं सोच सकता।


एक ऐसी कहानी की कल्पना करना जहाँ रोनाल्ड रीड किसी हार्वर्ड प्रशिक्षित सर्जन से बेहतर हृदय प्रत्यारोपण कर सके, यह बिल्कुल असंभव है। या फिर श्रेष्ठ प्रशिक्षित वास्तुकारों से बेहतर गगनचुंबी इमारतें बना सके। ऐसी भी कभी कोई कहानी नहीं होगी जहाँ एक जैनिटर किसी विश्व के जाने माने परमाणु इंजीनियरों को मात दे सके। लेकिन निवेश के क्षेत्र में ऐसी कहानियाँ होती हैं।


रोनाल्ड रीड के रिचार्ड फुसकोन का सहवर्ती होने के दो स्पष्टीकरण हैं। पहला, वित्तीय परिणाम भाग्य द्वारा संचालित होते हैं, और इसका बुद्धिमत्ता एवं प्रयास से कोई संबंध नहीं होता। यह कुछ हद तक सच है, और यह किताब इस पर विवरण में चर्चा करेगी या दूसरा (और जो मेरे अनुसार अधिक सामान्य है) कि वित्तीय सफ़लता कोई कठिन विज्ञान नहीं है। यह एक व्यावहारिक कौशल है, जहाँ आप किस प्रकार व्यवहार करते हैं, यह अधिक


महत्वपूर्ण है बजाय इसके कि आप क्या जानते हैं। मैं इस व्यावहारिक कौशल को धन-संपत्ति का मनोविज्ञान कहता हूँ। इस किताब का उद्देश्य लघु कहानियों के द्वारा आपको यह विश्वास दिलाना है कि व्यावहारिक कौशल संपत्ति के तकनीकी पहलू से अधिक महत्वपूर्ण है। मैं ऐसा इस प्रकार करूंगा कि सभी रीड से लेकर फुसकोन और बीच में बाकी सब बेहतर वित्तीय निर्णय लेना सीख सकें। और जैसा कि मैंने जाना है यह व्यावहारिक कौशल काफ़ी अगोचर हैं। वित्त को मुख्य


तौर पर गणित आधारित क्षेत्र के रूप में पढ़ाया जाता है, जहाँ आप किसी फ़ार्मूले में डेटा


• डालते हैं और फ़ार्मूला आपको बताता है कि आपको क्या करना है, और यह मान लिया


जाता है कि बस आप यह कर लेंगे। व्यक्तिगत वित्त में यह सच है, जहाँ आपको बताया जाता है कि आपके पास छह माह की आपातकालीन राशि और आय का 10% बचत के रूप में होना चाहिये।


निवेश में यह सच है जहाँ हमें ब्याज दर और मूल्यांकन के बीच पहले का सह-संबंध यथार्थरूप से पता होता है। और यह कॉर्पोरेट वित्त में भी लागू होता है जहाँ सी एफ ओ पूंजी का सटीक मूल्य माप


सकते हैं। ऐसा नहीं है कि इनमें से कोई भी बात बुरी या गलत है। बात यह है कि यह जानने से कि क्या करना है आपको यह पता नहीं चलता कि जब आप ऐसा करने की कोशिश करेंगे तो आपके दिमाग में क्या कुछ होगा।



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